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ⓘ कबीर सिंह 2019 की एक भारतीय हिन्दी रोमांटिक-ड्रामा फ़िल्म है, जो संदीप वंगा द्वारा लिखित तथा निर्देशित है। यह वंगा की ही तेलुगू फ़िल्म, अर्जुन रेड्डी का रीमेक ह ..



कबीर सिंह
                                     

ⓘ कबीर सिंह

कबीर सिंह 2019 की एक भारतीय हिन्दी रोमांटिक-ड्रामा फ़िल्म है, जो संदीप वंगा द्वारा लिखित तथा निर्देशित है। यह वंगा की ही तेलुगू फ़िल्म, अर्जुन रेड्डी का रीमेक है। टी-सीरीज़ तथा सिने1 स्टूडियोज द्वारा निर्मित इस फ़िल्म में शाहिद कपूर तथा कियारा आडवाणी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फ़िल्म की कहानी कपूर अभिनीत शीर्षक चरित्र, कबीर सिंह नामक एक शराबी चिकित्सक के इर्द गिर्द घूमती है, जो तब स्वविध्वंसक राह चुन लेता है, जब उसकी प्रेमिका का बलपूर्वक किसी और से विवाह करवा दिया जाता है।

कबीर सिंह की प्रिंसिपल फोटोग्राफी अक्टूबर 2018 में शुरू हुई थी, जो मार्च 2019 तक चली। फिल्म को 21 जून 2019 को रिलीज़ किया गया, और इसे आलोचकों से मिली जुली समीक्षा मिली। इसके बावजूद, अपने प्रदर्शन के पहले ही दिन इसने शाहिद कपूर की किसी भी पिछली फिल्म के मुकाबले सबसे अधिक कलेक्शन दर्ज किया। फ़िल्म अपनी रिलीज के पहले सप्ताह के भीतर ही 100 करोड़ से अधिक की कमाई करने में सफल रही, और 2019 की छठी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन गई।

                                     

1. चलचित्र कथावस्तु

कबीर राजधीर सिंह शाहिद कपूर दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में एक हाउस सर्जन है। एक शानदार छात्र होने के बावजूद, वह अपने क्रोध पर नियन्त्रण नहीं रख पाता है, जिस कारण उसके कॉलेज के डीन आदिल हुसैन उसे पसंद नहीं करते हैं। कबीर का आक्रामक स्वभाव भी उसे कॉलेज के अन्य छात्रों के बीच ख्याति दिलाता है। एक इंटर कॉलेज फुटबॉल मैच के दौरान विरोधी टीम के सदस्यों के खिलाफ अपने दोस्त कमल कुणाल ठाकुर के साथ विवाद होने के बाद, डीन कबीर से माफी मांगने या कॉलेज छोड़ने के लिए कहता है। कबीर शुरू में तो कॉलेज छोड़ने का फैसला करता है, लेकिन प्रथम वर्ष की छात्रा प्रीति सिक्का कियारा आडवाणी से मिलने के बाद मन बदल लेता है।

कबीऔर उसका दोस्त शिवा सोहम मजुमदार तृतीय वर्ष की एक कक्षा में प्रवेश करते हैं, और घोषणा कर देते हैं कि कबीर प्रीति के साथ प्यार में है। शुरू में तो प्रीति कबीर के दबंग रवैये से डरती है, परंतु धीरे धीरे वह कबीर के साथ तालमेल बिठाना शुरू कर देती है। अंततः कबीर प्रीति के सामने अपनी भावनाओं को प्रकट करता है, और वे एक अंतरंग संबंध विकसित करते हैं। कबीर एमबीबीएस की डिग्री के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी करता है, और आर्थोपेडिक सर्जरी में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए मसूरी चला जाता है। तीन साल के उसके मसूरी निवास के दौरान, कबीऔर प्रीति का रिश्ता और मजबूत होता जाता है। कई महीनों बाद, कबीर प्रीति के घर जाता है, जहाँ उसके पिता अनुराग अरोड़ा उन्हें साथ में देखते हैं, और कबीर को घर से बाहर निकाल देते हैं।

प्रीति के पिता उसके और कबीर के रिश्ते का विरोध करते हैं क्योंकि वह कबीर के गुस्सैल व्यक्तित्व को नापसंद करते हैं। कबीर प्रीति को छह घंटे के भीतर फैसला करने को कहता है, अन्यथा वह उसके साथ अपना रिश्ता खत्म कर देगा, लेकिन जब तक वह कबीर के घर पहुंच पाती है, तब तक वह नशे की हालत में अपने शरीर में मॉर्फिन इंजेक्ट कर लेता है, और दो दिनों के लिए बेहोश हो जाता है। जब वह उठता है, तब तक प्रीति की शादी उसी की जाति के किसी व्यक्ति से जबरन करा दी गयी होती है। कबीर को शिव से इस शादी के बारे में पता चलता है, और वह इसका विरोध करने के लिये प्रीति के घर जाता है, जहां उसके साथ मारपीट की जाती है, और फिर उसे पुलिस द्वारा गिरफ्ताकर लिया जाता है। कबीर के पिता सुरेश ओबेरॉय परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए कबीर को घर से बाहर निकाल देते हैं।

शिवा की मदद से, कबीर एक किराए का अपार्टमेंट ढूंढता है, और एक सर्जन के रूप में एक निजी अस्पताल में भर्ती होता है। अपनी भावनाओं पर काबू करने के लिए, वह ड्रग्स लेना शुरू कर देता है, वन-नाइट स्टैंड का प्रयास करता है, एक पालतू कुत्ता खरीदता है और प्रीति के नाम पर उसे शराब पिलाता है; जो सभी असफल सिद्ध होते हैं। कुछ महीनों के भीतर ही, वह एक सफल सर्जन और एक घोर शराबी बन जाता है; अस्पताल के स्टाफ सदस्य उससे डरते हैं, जिसका एक कारण उसकी उच्च सर्जरी गिनती है। कबीर का स्वविनाशकारी व्यवहाऔर जीवन में आगे बढ़ने से इन्कार भी शिव और कमल को चिंतित करता है। वह अपनी एक मरीज, जिया शर्मा निकिता दत्ता, जो एक प्रमुख फिल्म स्टार है, के साथ एक नो-स्ट्रिंग्स रिलेशनशिप रखने के लिए राजी हो जाता है, जिसे वह तब समाप्त कर देता है, जब वह उसके साथ प्यार में पड़ जाती है।

एक दिन की छुट्टी पर, कबीर अनिच्छा से एक जीवन रक्षक सर्जरी करने के लिए सहमत हो जाता है, परंतु सर्जरी के मध्य ही वह दीहाइड्रेशन के कारण गिर जाता है। अस्पताल के कर्मचारी उसके रक्त के नमूनों की जांच करते हैं, जो शराब और कोकीन के निशान दिखाते हैं। अस्पताल का प्रमुख कबीर के खिलाफ न्यायालय मे एक मामला दायर करता है, और उसके घर में चल रही अदालत की सुनवाई के दौरान कबीर पेशेवर नैतिकता का उल्लंघन करने की सच्चाई को स्वीकार करता है। परिमाणस्वरूप, कबीर का मेडिकल लाइसेंस पांच साल के लिए रद्द कर दिया जाता है, और उसके फ्लैट का मालिक उसे वहां से निकाल देता है। अगली सुबह, शिवा कबीर को उसकी दादी कामिनी कौशल की मृत्यु की खबर सुनाता है, और उसे लेकर घर वापस आ जाता है; कबीर अपने पिता से मिलता है, और उनके कहने पर अपनी सारी आत्म-विनाशकारी आदतों को छोड़ देता है।

इसके बाद, छुट्टी मनाने के लिए घर से निकला कबीर गर्भवती प्रीति को एक पार्क में बैठा हुआ देखता है। अब भी इस बात से सहमत कि वह अपनी शादी से नाखुश है, कबीर छुट्टी से लौटने के बाद उससे मिलता है, और प्रीति यह खुलासा करती है कि उसने शादी के बाद अपने पति को छोड़ दिया था और एक क्लिनिक में काम करना शुरु किया। वह कबीर को यह भी बताती है कि वह ही उसके बच्चे का पिता है, और वे दोनों फिर से मिल जाते हैं। कबीऔर प्रीति इसके बाद शादी कर लेते हैं, और प्रीति के पिता एक-दूसरे के प्रति उनके प्यार को गलत समझने के लिए उनसे माफी मांगते हैं।

                                     

2.1. निर्माण विकास

तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी 2017 की सफलता के बाद, इसके लेखक और निर्देशक संदीप वांगा रणवीर सिंह के साथ इसका हिंदी में रीमेक बनाना चाहते थे। जब बात नहीं बनी, तो उन्होंने शाहिद कपूर से संपर्क किया। हालांकि, सिने 1 स्टूडियो के निर्माता मुराद खेतानी और अश्विन वर्दे, जिन्होंने हिंदी के लिए रीमेक अधिकार हासिल किए, चाहते थे कि अर्जुन कपूर मुख्य भूमिका निभाएं। इससे निराश होकर वांगा ने कहा था: "मुझे पता चला है कि अर्जुन रेड्डी के रीमेक अधिकार बेचे गए हैं, और यह अर्जुन कपूर अभिनीत होगी। मैं एक दुविधा में फंस गया हूं, क्योंकि मैंने पहले ही शाहिद को भूमिका के लिए तय कर लिया है। यह मेरे लिए शर्मनाक स्थिति है। मुझे नहीं पता कि मैं शाहिद का सामना कैसे करूंगा।" हालांकि, अप्रैल 2019 में आधिकारिक तौपर यह घोषणा की गई कि शाहिद कपूर फ़िल्म में अभिनय करेंगे, और वांगा निर्देशक के रूप में वापसी करेंगे।

टी-सीरीज़ के भूषण और कृष्ण कुमार ने भी फिल्म का निर्माण किया, जबकि विनोद भानुशाली को सह-निर्माता का श्रेय मिला। फ़िल्म के संवाद सिद्धार्थ-गरिमा द्वारा लिखे गये थे। सिथाना कृष्णन रविचंद्रन को छायाकार के रूप में चुना गया, जबकि आरिफ शेख का चयन संपादक के रूप में किया गया। वांगा को भरोसा था कि रीमेक मूल की तुलना में अधिक बेहतर होगा: "जब मैंने अर्जुन रेड्डी को बनाया, तो मुझे पता नहीं था कि कुछ चीजों के प्रतिनिधित्व के किस तरह दिखाना है। मुझे नहीं लगता कि हिंदी संस्करण में मुझे खुद को प्रतिबंधित करना पड़ेगा। मेरा मानना है कि मुझे बॉलीवुड में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।" फिल्म का शीर्षक कबीर सिंह 25 अक्टूबर 2018 को घोषित किया गया था।

                                     

2.2. निर्माण लेखन

मूल तेलुगु फ़िल्म की ही तरह, कबीर सिंह भी नायक की नानी की आवाज के साथ शुरू होती है, लेकिन यहां वह कबीर का एक दोहा पढ़ रही होती हैं। फ़िल्म में कुछ भौगोलिक परिवर्तन भी हैं; रीमेक मुख्य रूप से दिल्ली और मुंबई में सेट है। अर्जुन रेड्डी में दर्शाये गये जातिगत संघर्ष की बजाय, नायिका का पिता कबीर से धूम्रपान करने की वजह से नफरत करता है न कि उसके पगड़ीधारी सिख होने की वजह से। रीमेक के लिए, वांगा ने कहा कि उन्होंने मूल से कम अंग्रेजी प्रयोग की। "मैंने हिंदी संवाद में बोलचाल की गुणवत्ता बनाए रखने की भी कोशिश की है।" कबीर सिंह नाम के बारे में, उन्होंने कहा, "कबीर के नाम में बहुत अधिक उदासी है और एक काव्यात्मक पक्ष भी है।" वंगा ने इसे फिल्म के शीर्षक के रूप में चुनने के अपने कारणों को समझाया: "जब हमने हिंदी स्क्रिप्ट पर काम शुरू किया था। यह एक बहुत ही रोमांचक यात्रा थी। कबीर सिंह, नायक के नाम के रूप में, चरित्र के ग्राफ पर विचार करते हुए स्वाभाविक रूप से आया था। कबीर सिंह नाम में भी अर्जुन रेड्डी की ही तरह पंच और पागलपन है।

                                     

2.3. निर्माण पात्र चयन

शाहिद कपूर ने शीर्षक चरित्र, कबीर राजधीर सिंह को चित्रित किया। हालांकि कियारा आडवाणी मुख्य महिला किरदार, प्रीति के लिए वांगा की पहली पसंद थीं, लेकिन चीजें असफल रहीं। तब अभिनेत्री के तौपर तारा सुतारिया का नाम घोषित किया गया, लेकिन उनकी पहली फिल्म, स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2 2019 के निर्माण में देरी के कारण शेड्यूलिंग संघर्षों के चलते वह इस परियोजना से बाहर हो गयी। प्रीति की भूमिका के लिए निर्माता एक बार फिर आडवाणी के पास गए, जिसका एक कारण वांगा ने एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी 2016 में आडवाणी का अभिनय बताया – उनके अनुसार, "कियारा फिल्म के महिला किरदार की प्रतीक है। उसके पास मासूमियत दिखने के मामले में और परिपक्वता प्रदर्शन के मामले में का सही संयोजन है, जो कि चरित्र के लिए अति महत्वपूर्ण है।" अर्जन बाजवा शुरू में कबीर के बड़े भाई करण सिंह का किरदार निभाने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन वंगा के आग्रह पर उन्होंने इसे स्वीकाकर लिया, जिनके लिए वह इस किरदार निभाने के लिए एकमात्र विकल्प थे। सुरेश ओबेरॉय ने कबीऔर करण के पिता राजधीर सिंह को चित्रित किया। तेलुगु मूल में अमित के रूप में दिखाई देने वाले अमित शर्मा को उनकी भूमिका को फिर से निभाने के लिए चुना गया था।



                                     

3. संगीत

फ़िल्म में संगीत मिथुन, अमाल मलिक, विशाल मिश्रा, सचेत-परम्परा तथा अखिल सचदेवा ने दिया है, जबकि इसके गीत इरशाद कामिल, कुमार तथा मिथुन ने लिखे हैं। हर्षवर्धन रामेश्वर ने फ़िल्म के पार्श्व संगीत की रचना की है। "बेखयाली" गीत रिलीज़ होने से पहले ही चार्टबस्टर बन गया था, तथा यूट्यूब पर इसके कई कवर संस्करण अपलोड थे।

शब्दकोश

अनुवाद
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