ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 54



                                               

घुटनों का दर्द

मानव शरीर में पैर जितने ही महत्त्वपूर्ण हैं, उतने ही उनके बीच में बने घुटने। उन्हीं से पैरों को मुड़ने की क्षमता मिलती है। इन्हीं घुटनों में कई कारणों से दर्द होने लग जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं:

                                               

घेंघा रोग

घेंघा एक रोग है जिसमे गला फूल जाता है। यह शरीर में आयोडीन के की कमी के कारण होता है। आयोडीन की कमी के कारण थायरायड ग्रन्थि में सूजन आ जाती है। यह रोग बहुधा उन क्षेत्रों के लोगों को होता है जहाँ पानी में आयोडीन नहीं होता। आयोडीन की कमी की पूर्ति क ...

                                               

घ्राणहानि

गंध का अनुभव मनुष्य नाक के द्वारा करता है। मस्तिष्क से आरंभ होकर नासास्नायु का जोड़ा नाक की श्लेष्मिक कला तथा घ्राणकोशिका में जाकर समाप्त होता है। यह स्नायु संवेदनशील होती है। गंध से उत्तेजित होकर यह संवेदना को मस्तिष्क के केंद्रों तक पहुंचाती है ...

                                               

चर्म रोग

त्वचा के किसी भाग के असामान्य अवस्था को चर्मरोग कहते हैं। त्वचा शरीर का सनसे बड़ा तंत्र है। यह सीधे बाहरी वातावरण के सम्पर्क में होता है। इसके अतिरिक्त बहुत से अन्य तन्त्रों या अंगों के रोग भी त्वचा के माध्यम से ही अभिव्यक्त होते हैं। त्वचा शरीर ...

                                               

चिकनगुनिया

चिकनगुनिया लम्बें समय तक चलने वाला जोडों का रोग है जिसमें जोडों मे भारी दर्द होता है। इस रोग का उग्र चरण तो मात्र २ से ५ दिन के लिये चलता है किंतु जोडों का दर्द महीनों या हफ्तों तक तो बना ही रहता है। चिकनगुनिया विषाणु एक अर्बोविषाणु है जिसे अल्फा ...

                                               

चेचक

चेचक एक विषाणु जनित रोग है। श्वासशोथ एक संक्रामक बीमारी थी, जो दो वायरस प्रकारों, व्हेरोला प्रमुख और व्हेरोला नाबालिग के कारण होती है। इस रोग को लैटिन नाम व्हेरोला या व्हेरोला वेरा द्वारा भी जाना जाता है, जो व्युत्पन्न या वार्स से प्राप्त होता है ...

                                               

छींक

छींक वह क्रिया है जिसमें फेफड़ों से हवा नाक और मुह के रास्ते अत्यधिक तेजी से बाहर निकाली जाती है। यह एक अर्ध-स्वायत्त क्रिया है। छींक आमतौपर तब आती है जब हमारी नाक के अंदर की झिल्ली, किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से खुजलाती है। नाक से तुरंत हमारे ...

                                               

जर्मन रोमान्तिका

जर्मन रोमान्तिका या जर्मन मसूरिका अत्यंत सूक्ष्म विषाणु द्वारा होता है जिसका नाम रुबेला है। वर्ष के पूर्वार्ध में प्रकोप अधिक होता है। दाने निकलने के पूर्व अत्यत संक्रामक होता है। उद्भवन काल १७-१८ दिनों का होता है। जटिलताओं की संभावना कम होती है। ...

                                               

जलवृषण

शरीर गुहा में विकृतिजन्य सीरमी द्रव का जमा होना जलसंग्रह कहलाता है। जब सीरमी द्रव वृषण के आसपास जमा होता है तो इसे जलवृषण कहते हैं।

                                               

ज्वर

जब शरीर का ताप सामान्य से अधिक हो जाये तो उस दशा को ज्वर या बुख़ार कहते है। यह रोग नहीं बल्कि एक लक्षण है जो बताता है कि शरीर का ताप नियंत्रित करने वाली प्रणाली ने शरीर का वांछित ताप १-२ डिग्री सल्सियस बढा दिया है। मनुष्य के शरीर का सामान्‍य तापम ...

                                               

टाइफस ज्वर

टाइफस ज्वर एक प्रकार का रोग है, जिसका आरंभ अचानक होता है। इसमें सिरदर्द, सर्दी लगना, ज्वर, शरीर में पीड़ा और तीसरे से पाँचवें दिन के बीच दाने निकलने और विषाक्तता के लक्षण होते हैं। रोग की अवधि दो से तीन सप्ताह की होती है। पहले इस एक ही रोग मानते ...

                                               

टेलॉन कस्प

टेलॉन कस्प एक दुर्लभ दंत विसंगति है। टेलॉन कस्प एक पूर्वकाल दांत पर एक अतिरिक्त कस्प है। टेलॉन टेलॉन कस्प पहले मिशेल द्वारा वर्णित किया गया १९८२ में और जे किम्बल मेल्लोर बी एस, डी डी एस द्वारा नामित और लुई डब्ल्यू रिपा, डी डी एस, एम.एस. एक ईगल के ...

                                               

ट्रयकोमोइसीस

ट्रयकोमोइसीस संक्रामक बीमारी है जो की परजीवी ट्रयकोमोनस योनिनालिस के कारण होती हैं। इस रोग के लक्षण आमतौपर संक्रमण के ५ से २८ दिनों के बीच शुरू होते हैं। यह लक्षण लगभग ७०% महिलाएं और पुरुषों में देखे नही जाते। लक्षणों में जननांग क्षेत्र में खुजली ...

                                               

डिम्बग्रंथि पुटी

डिम्बग्रंथि पुटी अंडाशय के भीतर तरल पदार्थ से भरी हुई थैली होते हैं। अक्सर वे कोई लक्षण नहीं पैदा होते परन्तु कभी-कभी सूजन, निचले पेट के हिस्से में दर्द, या पीठ के निचले हिस्से में दर्द पैदा कर सकते हैं। अधिकांश डिम्बग्रंथि पुटी/सिस्ट हानिरहित हो ...

                                               

डेंगू बुख़ार

डेंगू बुख़ार एक संक्रमण है जो डेंगू वायरस के कारण होता है। डेंगू का इलाज समय पर करना बहुत जरुरी होता हैं. मच्छर डेंगू वायरस को संचरित करते हैं। डेंगू बुख़ार को "हड्डीतोड़ बुख़ार" के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इससे पीड़ित लोगों को इतना अधिक द ...

                                               

तनाव (चिकित्सा)

तनाव मनःस्थिति से उपजा विकार है। मनःस्थिति एवं परिस्थिति के बीच असंतुलन एवं असामंजस्य के कारण तनाव उत्पन्न होता है। तनाव एक द्वन्द है, जो मन एवं भावनाओं में गहरी दरार पैदा करता है। तनाव अन्य अनेक मनोविकारों का प्रवेश द्वार है। उससे मन अशान्त, भाव ...

                                               

तनाव सिरदर्द

                                               

तीव्रग्राहिता

तीव्रग्राहिता अथवा तीव्रग्राहिताजन्य स्तब्धता जीवित प्राणी की शरीरगत उस विशेष अवस्था को कहते हैं जो शरीर में किसी प्रकार के बाह्य प्रोटीन को प्रथम बार सुई द्वारा प्रविष्ट करने के तत्काल बाद, अथवा कुछ दिनों के उपरांत, दूसरी बार उसी प्रोटीन को सुई ...

                                               

त्वग्वसास्राव

त्वग्वसास्राव रोग त्वचा की वसा निकालने वाली ग्रंथियों के अतिस्रवण या अतिफलन से उत्पन्न होता है। स्वस्थ शरीर में भी त्वग्वसास्राव होता है, लेकिन रोगी के स्राव का रंग, रूप और गंध और ही होती है। साधारण स्राव सूखकर पपड़ी जैसा, शल्कि प्रधान मल बन जात ...

                                               

थैलासीमिया

थेलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौपर मिलने वाला रक्त-रोग है। इस रोग के होने पर शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके कारण रक्तक्षीणता के लक्षण प्रकट होते हैं। इसकी पहचान तीन माह की आयु के बाद ही होती है। इ ...

                                               

दमा

अस्थमा श्वसन मार्ग का एक आम जीर्ण सूजन disease वाला रोग है जिसे चर व आवर्ती लक्षणों, प्रतिवर्ती श्वसन बाधा और श्वसनी-आकर्षसे पहचाना जाता है। आम लक्षणों में घरघराहट, खांसी, सीने में जकड़न और श्वसन में समस्याशामिल हैं। दमा को आनुवांशिक और पर्यावरणी ...

                                               

दवा प्रतिरोधकता

                                               

दाद

दाद या दद्रु कुछ विशेष जाति का फफूँदों के कारण उत्पन्न त्वचाप्रदाह है। ये फफूंदें माइक्रोस्पोरोन, ट्राकॉफाइटॉन, एपिडर्मोफाइटॉन या टीनिया जाति की होती है। दद्रु रोग कई रूपों में शरीर के अंगों पर आक्रमण करता है। खोपड़ी का दद्रु फफूंद द्वारा केश की ...

                                               

दीर्घकालिक लक्षण

                                               

दौरे

                                               

धनुषाकार गर्भाशय

धनुषाकार गर्भाशय गर्भाशय विसंगति या भिन्नता का एक रूप है जहां गर्भाशय गुहा निधि की ओर एक अवतल समोच्च प्रदर्शित करता है। धनुषाकार गर्भाशय और एक सेप्टेट गर्भाशय के बीच भेद मानक नहीं है।

                                               

धमनी विस्फार

धमनीस्फीति या धमनी विस्फार धमनी के स्थानीय उभार को कहते हैं। सामान्य स्थिति में धमनी एक सी नलिकाकार संरचना होती है। जब धमनी की भित्ति कहीं दुर्बल हो जाती है तब वहाँ खिंचाव होता है और धमनी में प्रवाहित रक्त के दाब के कारण उभार उत्पन्न हो जाता है। ...

                                               

धूलि फुफ्फुसार्ति

#सिलिकोसी सिसिकोसिस क्रिस्टलीय सिलिका धूल के साँस लेना के कारण व्यावसायिक फेफड़े की बीमारी का एक रूप है, और फेफड़ों के ऊपरी भागों में नोडलर घावों के रूप में सूजन और जलन से चिह्नित होता है। यह एक प्रकार का न्यूमोकोनियोजन है लक्षण:- 1. सांस लेने मे ...

                                               

नवजात शिशुओं में पीलिया

नवजात शिशुओं में पीलिया बिलीरुबिन के कारण आंखों और त्वचा के सफेद हिस्से पर पीले रंग की मलिनकिरण की त्वचा पाई जाती हैं। इसके लक्षणों में अत्यधिक नींद या खराब भोजन शामिल हो सकता है। जटिल लक्षणों में दौरे, सेरेब्रल पाल्सी, या कर्निटेरस भी शामिल हो स ...

                                               

निद्रा विकार

बुरे सपने ज्वलंत और परेशान सामग्री के साथ aathe हैं। वे रेम नींद के दौरान बच्चों में सबसे आम हैं, लेकिन यह बड़े लोगों को भी हो सकता है। बच्चों में भी भय, अक्सर रेम नींद के दौरान उस जगह ले चरम बुरे सपने के रूप में वर्णित हैं। नींद भय आम लक्षण है। ...

                                               

निद्राभ्रमण

निद्राभ्रमण या निद्राचार नींद में चलना फिरना, या निद्रा की स्थिति में शारीरिक सक्रियता के तीव्र होने की विघटित अभिक्रिया, है। इसे हिस्टीरियाई स्वप्नावस्था माना जाता है। बाल्यावस्था में निद्राचार अपेक्षया अधिक होता है। पर किशोरावस्था में कम हो जात ...

                                               

निपल निर्वहन

चुचुक विसर्जन महिलाओं में पाए जाने वाली वह असामान्य परिस्थिति है जिसमें निप्पल से एक तरल पदार्थ का निर्वहन होता हैं। महिलाओं में जब लैक्टेशन के आलावा अन्य कोई निर्वहन पाया जाता है, उसे असामान्य निप्पल निर्वहन कहा जाता हैं। इसकी प्रकृति रंग, स्थिर ...

                                               

पक्षी इन्फ्लूएंजा

बर्ड फ़्लू या पक्षी इन्फ्लूएंजा या पक्षी फ़्लू एक विषाणु जनित रोग है। यह विषाणु जिसे इन्फ्लूएंजा ए या टाइप ए विषाणु कहते हैं, आम तौर मे पक्षियों में पाया जाता है, लेकिन कभी कभी यह मानव सहित अन्य कई स्तनधारिओं को भी संक्रमित कर सकता है, जब यह मानव ...

                                               

परानासिक वायुविवर

परानासिक वायुविवर या पैरानेसल साइनस चार हवा से भरे स्थानों के जोड़ों का समूह है जो नासा गुहा को घेरते, आँखों से ऊपर, आँखों के बीच में तथा झर्झरिकाओं के पीछे हैं। वायुविवरों को उन हड्डियों के लिए नामित किया गया है जिन में वे स्थित हैं।

                                               

पादप रोगविज्ञान

पादप रोगविज्ञान या फायटोपैथोलोजी शब्द की उत्पत्ति ग्रीक के तीन शब्दों जैसे पादप, रोग व ज्ञान से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ है "पादप रोगों का ज्ञान "। अत: पादप रोगविज्ञान, कृषि विज्ञान, वनस्पति विज्ञान या जीव विज्ञान की वह शाखा है, जिसके अन्तर्गत ...

                                               

पार्किंसन रोग

isease or PD) केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र का एक रोग है जिसमें रोगी के शरीर के अंग कंपन करते रहते हैं। पार्किन्‍सोनिज्‍म का आरम्भ आहिस्ता-आहिस्ता होता है। पता भी नहीं पड़ता कि कब लक्षण शुरू हुए। अनेक सप्ताहों व महीनों के बाद जब लक्षणों की तीव्रता बढ़ ...

                                               

पित्ताशय का कर्कट रोग

पित्ताशय का कर्कट रोग एक प्रकार का कम घटित होने वाला कर्कट रोग है। भौगोलिक रूप से इसकी व्याप्ति विचित्र है - उत्तरी भारत, जापान, केंद्रीय व पूर्वी यूरोप, केंद्रीय व दक्षिण अमरीका में अधिक देखा गया है; कुछ खास जातीय समूहों में यह अधिक पाया जाता है ...

                                               

पीड़ाहारी अपवृक्कता

पीड़ाहारक अपवृक्कता फेनासेटिन, पारासिटामोलऔर एस्पिरिन जैसे पीड़ाहारक दवाओं के कारण गुर्दे को होने वाला नुकसान है। इस शब्द का इस्तेमाल आमतौपर इन दवाओं के संयोजन का संदर्भ देते हैं जिनके अत्यधिक उपयोग से नुकसान हो सकता है, विशेष रूप से वे संयोजन जि ...

                                               

पीलिया

रक्तरस में पित्तरंजक नामक एक रंग होता है, जिसके आधिक्य से त्वचा और श्लेष्मिक कला में पीला रंग आ जाता है। इस दशा को कामला या पीलिया कहते हैं। सामान्यत: रक्तरस में पित्तरंजक का स्तर 1.0 प्रतिशत या इससे कम होता है, किंतु जब इसकी मात्रा 2.5 प्रतिशत स ...

                                               

पेचिश

पेचिश या प्रवाहिका, पाचन तंत्र का रोग है जिसमें गम्भीर अतिसार की शिकायत होती है और मल में रक्त एवं श्लेष्मा आता है। यदि इसकी चिकित्सा नहीं की गयी तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

                                               

प्रमस्तिष्क अंगघात

प्रमस्तिष्क पक्षाघात या सेरेब्रल पाल्सी सेरेब्रल का अर्थ मसि्तष्क के दोनो भाग तथा पाल्सी का अर्थ किसी ऐसा विकार या क्षति से है जो शारीरिक गति के नियंत्रण को क्षतिग्रस्त करती है। एक प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक विलियम लिटिल ने 1760 ई में बच्चो में पाई ज ...

                                               

प्रसूतिशास्र रक्तप्रवाह

प्रसूतिशास्र रक्तप्रवाह स्त्री जननांग प्रणाली के अत्यधिक रक्तस्राव का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसा रक्तस्राव दृश्यमान या बाहरी हो सकता है जैसे योनि से खून बह रहा हो, या यह श्रोणि गुहा में आंतरिक हो सकता है या हेमेटोमा बना सकता है। सामान्य मासिक धर्म ...

                                               

प्रोजेरिया

प्रोजेरिया एक ऐसा रोग है जिसमें कम उम्र के बच्चों में भी बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते हैं। यह अत्यन्त दुर्लभ वंशानुगत रोग है। इसे हचिंगसन-गिल्फोर्ड प्रोजेरिया सिंड्रोम या हचिंगसन-गिल्फोर्ड सिंड्रोम भी कहते हैं।यह एक अत्यंत दुर्लभ ऑटोसोमल प आनुवंशि ...

                                               

प्लेग

ताऊन या प्लेग संसार की सबसे पुरानी महामारियों में है। इसे ताऊन, ब्लैक डेथ, पेस्ट आदि नाम भी दिगए हैं। मुख्य रूप से यह कृतंक प्राणियों का रोग है, जो पास्चुरेला पेस्टिस नामक जीवाणु द्वारा उत्पन्न होता है। आदमी को यह रोग प्रत्यक्ष संसर्ग अथवा पिस्सू ...

                                               

फाइमोसिस

फाइमोसिस या निरुद्धप्रकाश शिश्न का एक विकार है। इस्से ग्रस्त शिश्न के मुण्ड की त्वचा पीछे नहीं खींची जा पाती जिससे शिश्नमुंड बाहर नहीं निकल पाता। बच्चे में फाइमोसिस होना सामान्य बात है। इसके लिए किसी उपाय की जरूरत नहीं होती। समय के साथ यह स्वयं स ...

                                               

फाइलेरिया

फाइलेरिया परजीवी द्वारा होने वाला रोग है जो धागा के समान दिखने वाले फाइलेरिओडी नामक निमेटोड के कारण होता है। यह प्रायः संक्रामक उष्णकटिबन्धीय रोग है। फाइलेरिया के आठ प्रकार के नेमाटोड ज्ञात हैं जो मानवों को अपना निशाना बनाते हैं। आजकल हम लोग इसको ...

                                               

फीताकृमिरोग

फीताकृमिरोग, जिसे हाइडाटिड रोग, हाइडेटिडोसिस या इचिनोकॉकल रोग भी कहते हैं इचियानोकॉककस प्रकार का फीताकृमि परजीवी रोगहै। लोगों को दो मुख्य प्रकार के रोग होते हैं, पुटीय फीताकृमिरोग और वायुकोषीय फीताकृमिरोग। बहुपुटीय फीताकृमिरोग तथा एकलपुटीय फीताकृ ...

                                               

फीलपाँव

श्लीपद या फीलपाँव या हाथीपाँव के रोगी के पाँव फूलकर हाथी के पाँव के समान मोटे हो जाते हैं। परंतु यह आवश्यक नहीं कि पाँव ही सदा फूले; कभी हाथ, कभी अंडकोष, कभी स्तन आदि विभिन्न अवयव भी फूल जाते हैं। रोग के बहुत से मामलों में कोई लक्षण होता तथापि, क ...

                                               

फुफ्फुस कैन्सर

फुफ्फुस के दुर्दम अर्बुद को फुफ्फुस कैन्सर या फेफड़ों का कैन्सर कहते हैं। इस रोग में फेफड़ों के ऊतकों में अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है। यदि इसे अनुपचारित छोड़ दिया जाय तो यह वृद्धि विक्षेप कही जाने वाली प्रक्रिया से, फेफड़े से आगे नज़दीकी कोशिक ...

                                               

बधिरता

बधिरता या बहरापन एक आम बीमारी है। इस विकार की स्थिति में सुनने की शक्ति कम हो जाती है। इसके सातह ही साथ व्यक्ति की सामाजिक व मानसिक परेशानियां भी बढ़ जाती हैं।

शब्दकोश

अनुवाद
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