ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 146



                                               

एच॰आई॰वी जागरुकता के आधार पर भारत के राज्य

भारत के राज्यों की यह सूची राज्यों में एच॰आई॰वी जागरुकता के आधापर है। यह जानकारी एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण व्यापक-पैमाने, बहु-दौरीय सर्वेक्षण है जो अन्तर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान, मुंबई द्वार ...

                                               

एड्स का इंकार

एड्स का इंकार एक ऐसा विश्वास है जिसे विस्तृत रूप से चिकित्सा और विज्ञान के सबूत के आधापर गलत साबित किया गया है। इस का आधार यह है कि एचआईवी एड्स का कारण नहीं बनता है। इसके कुछ समर्थक तो एचआईवी के अस्तित्व पर ही प्रश्न करते हैं। कुछ अन्य समर्थक यह ...

                                               

ऍचआइवी-सम्बंधित जानकारी

                                               

भारतीय सरकारी एड्स नियंत्रण संस्थाएँ

                                               

बहरापन

बहरापन या अश्रव्यता पूर्ण या आंशिक रूप से ध्वनियों को सुनने की शक्ति का ह्रास होने की स्थिति को कहते हैं। यह एक आम बीमारी है। इस रोग में न सिर्फ सुनने की शक्ति कम हो जाती है बल्कि व्यक्ति की सामाजिक व मानसिक परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। जब कोई व्य ...

                                               

भुखमरी

विटामिन, पोषक तत्वों और ऊर्जा अंतर्ग्रहण की गंभीर कमी को भुखमरी कहते हैं। यह कुपोषण का सबसे चरम रूप है। अधिक समय तक भुखमरी के कारण शरीर के कुछ अंग स्थायी रूप से नष्ट हो सकते हैं और अंततः मृत्यु भी हो सकती है। अपक्षय शब्द भुखमरी के लक्षणों और प्रभ ...

                                               

सीलिएक रोग

सीलिएक रोग प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की वजह से होने वाली बीमारी है जो लस भोजन खाने से होता है| यह बीमारी गेहूं, जो, राई और ओट्स में पाए जाने वाली एक खास किसम के प्रोटीन से होता है| यह एक प्रकार का स्वप्रतिरक्षित रोग है जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक छ ...

                                               

स्कर्वी

स्कर्वी विटामिन सी की कमी के कारण होने वाला एक रोग होता है। ये विटामिन मानव में कोलेजन के निर्माण के लिये आवश्यक होता है। इसमें शरीर खासकर जांघ और पैर में चकत्ते पड जाते हैं। रोग बढने पर मसूढ़े सूज जाते हैं और फ़िर दांत गिरने लगते हैं। विटामिन सी ...

                                               

ग्रैव अपकशेरुकता

ग्रैव अपकशेरुकता ग्रीवा के आसपास के मेरुदंड की हड्डियों की असामान्य बढ़ोतरी और सर्विकल वर्टेब के बीच के कुशनों में कैल्शियम का डी-जेनरेशन, बहिःक्षेपण और अपने स्थान से सरकने की वजह से होता है। लगातार लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप पर बैठे रहना, बे ...

                                               

अवटु ग्रंथि की निम्नसक्रियता

जब अवटुग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाता तो शरीर, उर्जा का उपयोग मात्रा से कम करने लगता है। इस अवस्था को हाइपोथायराडिज़्म कहते हैं। यह बीमारी किसी भी आयु वाले व्यक्तियों को हो सकती है तथापि महिला में पुरुष के अनुपात में यह बीमारी प ...

                                               

हाइपरथाइरॉयडिज़्म

हाइपरथाइरॉयडिज़्म या अतिगलग्रंथिता वह शब्द है जिसका प्रयोग गलग्रंथि के भीतर के अतिसक्रिय ऊतकों के लिए किया जाता है जिसकी वजह से गलग्रंथि हार्मोन का आवश्यकता से अधिक उत्पादन होने लगता है। इस तरह, अतिगलग्रंथिता, थायरोटोक्सीकोसिस, अर्थात् रक्त में ब ...

                                               

छाजन

छाजन त्वचा की एक स्थिति है जिससे सूखी, खुरदरी, अत्यंत खुजलीदार त्वचा के धब्बे पैदा होते हैं। छाजन सामान्यतः अति संवेदनशीलता, अलर्जी से उत्पन्न होता है जिससे कि सूजन पैदा होती है। सूजन से त्वचा में लालीपन, खुजली और खुरदरापन आ जाता है। छाजन से त्वच ...

                                               

त्वचा का रंग बदलना

त्वचा के हाइपोपिगमेंटेशन के तीन मुख्य प्रकार होते हैं: विटिलिगो, पोस्‍ट इनफ्लेमेटरी हाइपोपिगमेंटेशन तथा रंजकहीनता। विटिलिगो को अरंजक क्षेत्रों के आधापर वर्गीकृत किया जाता है। यह आमतौपर सीमांकित एवं अक्सर सुडौल होते है जो मेलेनोसाइट्स की कमी के का ...

                                               

बहुछिद्रिल फोड़ा

बहुछिद्रिल फोड़ा वास्तव में अधस्त्वक ऊतक का कोथ होता है, किंतु ऊपर से इसकी आकृति एक विस्तृत विद्रधि या फोड़े के समान होती है, जिसके चर्म में बहुत से छिद्र होते हैं। इन छिद्रों से गाढ़े पूय की बूँदे निकलती रहती हैं। इसका कारण स्टैफ़िलोकॉबस ऑरियस s ...

                                               

मुंहासे

मुंहासे या पिटिका त्वचा की एक स्थिति है जो सफेद, काले और जलने वाले लाल दाग के रूप में दिखते हैं। यह लगभग 14 वर्ष से शुरू होकर 30 वर्ष तक कभी भी निकल सकते हैं। ये निकलते समय तकलीफ दायक होते हैं व बाद में भी इसके दाग-घब्बे चेहरे पर रह जाते हैं।

                                               

छाल रोग

छालरोग या सोरियासिस एक चर्मरोग है। सामान्य भाषा में इसे अपरस भी कहते हैं। यह रोग एक असंक्रामक दीर्घकालिक त्वचा विकार है जो कि परिवारों के बीच चलता रहता है। छाल रोग सामान्यतः बहुत ही मंद स्थिति का होता है। इसके कारण त्वचा पर लाल-लाल खुरदरे धब्बे ब ...

                                               

विटिलिगो

विटिलिगो त्वचा की एक ऐसी विशेषता हैं जिसमे त्वचा का कुछ भाग अपना वर्णक खोने लगते हैं। यह अवस्था तब उत्पन होती हैं जब त्वचा के वर्णक कोशिकाएं मृत या कार्य करने में असमर्थ रहते हैं। विटिलिगो के होने के कारण अभी तक अज्ञात है। अनुसंधान से यह पता चला ...

                                               

खाज

खाज एक प्रकार की खुजली होती है जो सरकोप्टस स्कैबीई नामक खुजली के कीटाणुओं से होते हैं। यह कीटाणु आठ पैर वाले परजीवी होते हैं। यह काफी छोटे होते हैं तथा त्वचा को खोदते रहते हैं जिससे तेज खुजली होती है। रात में यह खुजली और भी बढ़ जाती है। यह कीटाणु ...

                                               

डर्माटोफेजिया

डर्माटोफेजिया या अंगुली की त्वचा खाना एक बाध्यता विकार है जिसमें व्यक्ति त्वचा को दांतों से काटने अथवा खाने लग जाता है जिसमें मुख्यतः वो अपनी अंगुलियों की त्वचा के साथ ऐसा करता है। इस बिमारी से ग्रस्थ व्यक्ति अपनी अंगुलियों की नाखूनों के पास की त ...

                                               

त्वचाशोथ

त्वचाशोथ या डर्मेटाइटिस में त्वचा में लाली, शोथ, खुजलाहट आदि होती है। इसका कारण त्वचा की किसी परत या परतों में जलन उत्पन्न करने वाले घावों का होना है। त्वचाशोथ विश्व में सभी जगह, विशेषतया गरम, आर्द्और उद्योग प्रधान देशों में तथा सभी उम्र के लोगों ...

                                               

बिवाई

बिवाई पैरों की एड़ियों में होती हैं। इसे एड़ियों का फटना भी कहा जाता है। एक सामान्य सौंदर्य समस्या हो सकती है, लेकिन इससे गंभीर चिकित्सकीय समस्या भी पैदा हो सकती है। एड़ियों की बिवाई उस समय सामने आती है, जब एड़ियों के नीचे की बाहरी सतह की त्वचा क ...

                                               

इक्टोपिया कॉर्डिस

इक्टोपिया कोर्डिस एक प्रकार का जन्म दोष है, जिसमें हृदय जन्म के समय शरीर में अपने नियत स्थान में न होकर, बल्कि छाती के अगले हिस्से की ओर उभर आता है या कभी छाती के आस-पास के हिस्सों में पाया जाता है। इस बीमारी के सही कारणों का अब तक पता नहीं चल पा ...

                                               

कुक्कुर खाँसी

कूकर कास या कूकर खांसी या काली खांसी wooping cough जीवाणु का संक्रमण होता है जो कि आरंभ में नाक और गला को प्रभावित करता है। यह प्रायः २ वर्ष से कम आयु के बच्चों की श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। इस बीमारी का नामकरण इस आधापर किया गया है कि इस ...

                                               

क्लैमिडिया संक्रमण

साँचा:एचआइवी-सम्बंधित जानकारी क्लैमिडिया एक सामान्य यौन संचारित रोग एसटीडी है जो क्लैमिडिया ट्राकोमोटिस जीवाणु से होता है और यह महिला के प्रजनन इंद्रियों को क्षति पहुंचाता है। क्लैमिडिया योनिक, गुदा मैथुन या मुख मैथुन से संचारित हो सकता है। क्लैम ...

                                               

आंत्र ज्वर

आंत्र ज्वर जीवन के लिए एक खतरनाक रोग है जो कि सलमोनेल्ला टायफी जीवाणु से होता है। आंत्र ज्वर को सामान्यतः एंटीबायोटिक दवाइयों से रोका तथा इसका उपचार किया जा सकता है। इसे मियादी बुखार भी कहा जाता है। इसके प्रणेता जीवाणु का नाम साल्मोनेला टाइफी है। ...

                                               

डिप्थीरिया

रोहिणी या डिप्थीरिया उग्र संक्रामक रोग है, जो 2 से लेकर 10 वर्ष तक की आयु के बालकों को अधिक होता है, यद्यपि सभी आयुवालों को यह रोग हो सकता है। इसका उद्भव काल दो से लेकर चार दिन तक का है। रोग प्राय: गले में होता है और टॉन्सिल भी आक्रांत होते हैं। ...

                                               

धनुस्तम्भ

धनुस्तंभ एक संक्रामक रोग है, जिसमें कंकालपेशियों को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका-कोशिकाएँ प्रभावित होतीं हैं। कंकालपेशियों के तंतुओं के लम्बे समय तक खिंचे रह जाने से यह अवस्था प्रकट होती है। यह रोग मिट्टी में रहनेवाले बैक्टीरिया से घावों के प्रदू ...

                                               

रुमेटी हृद्रोग

आमवात ज्वर या रुमेटी हृद्रोग एक ऐसी अवस्था है, जिसमें हृदय के वाल्व एक बीमारी की प्रक्रिया से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। यह प्रक्रिया स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया के कारण गले के संक्रमण से शुरू होती है। यदि इसका इलाज नहीं किया जाये, गले का यह संक्रमण ...

                                               

वातरक्त

वातरक्त या गाउट होने पर रोगी को तीव्र प्रदाह संधिशोथ का बार-बार दर्द उठता है। गाउट के अधिकांश मामलों में पैर के अंगूठे के आधापर स्थित प्रपदिक-अंगुल्यस्थि प्रभावित होती है। लगभग आधे मामले इसी के होते हैं, जिसे पादग्रा कहते हैं। किन्तु यह गुर्दे की ...

                                               

खुजली

खुजली त्वचा पर होने वाला अप्रिय अनुभूति है जिसमें उस स्थान को बार-बार खुरचने का जी करता है। खुजली चार प्रकार की होती है:- 1. बिना दानों के खुजली 2. दाने वाली खुजली 3. बिना दाने या दाने वाली खुजली के कारण खुजली के अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं। खुजल ...

                                               

घमौरी

अक्सर पसीने की ग्रन्थियों का मुंह बन्द हो जाने के कारण हमारे शरीपर छोटे-छोटे लाल दाने निकल आते हैं। इन दानों में खुजली व जलन होती है। सामान्य भाषा में हम इसे घमौरियाँ कहते हैं। गरम एवं आर्द्र मौसम की दशा में घमैरी होती हैं। घमौरियाँ अक्सर हमारी प ...

                                               

त्वचाखरता

त्वचाखरता त्वचा का एक रोग है। त्वचा का रूखा हो जाना या जन्म से सूखी त्वचा होना एक ऐसी समस्या है जो कि अध्यावरणी तंत्र की गड़बड़ी के कारण होती है। आम तौपर इसका इलाज नमीकारक के इस्तेमाल के द्वारा किया जा सकता है। सुखी त्वचा की समस्या काफ़ी भद्दी और ...

                                               

सफेद दाग

सफेद दाग एक त्‍वचा रोग है। इस रोग से ग्रसि‍त लोगों के बदन पर अलग-अलग स्‍थानों पर अलग-अलग आकार के सफेद दाग आ जाते हैं। वि‍श्‍व में एक से दो प्रति‍शत लोग इस रोग से प्रभावि‍त हैं, लेकि‍न भारत में इस रोग के शि‍कार लोगों का प्रति‍शत चार से पांच है। रा ...

                                               

उपापचय जनित त्वचा रोग

                                               

पेशीशोषी पार्श्व काठिन्य (एमियोट्रॉफ़िक लैटरल स्कलिरॉसिस)

पेशीशोषी पार्श्व काठिन्य गतिजनक न्यूरॉन रोग का एक रूप है। ALS, एक प्रगामी, घातक, तंत्रिका-अपजननात्मक रोग है, जो स्वैच्छिक मांसपेशियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली केंद्रीय स्नायु प्रणाली की तंत्र कोशिकाएं गतिजनक न्यूरॉन के ह्रास के कारण ह ...

                                               

त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल (ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया)

इन्हें भी देखें: अप्रारूपिक त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल टीएन, टिक डूलूरेक्स जिसे ललाट शूल के नाम से भी जाना जाता है एक तंत्रिकाविकृति विकार है जिसे चेहरे में होने वाले अत्यधिक दर्द के प्रसंगों द्वारा अभिलक्ष्यित किया जाता है। एक ...

                                               

सारकॉइडोसिस

सारकॉइडोसिस, जो सारकॉइड या बेसनियर-बेक रोग भी कहलाता है, एक बहुप्रणाली कणिकागुल्मीय प्रदाहक बीमारी है, जिसकी विशेषता है ग़ैर थक्केदार प्रोटीन कणिकागुल्म. बीमारी के कारण अब भी अज्ञात है। कणिकागुल्म अक्सर फेफड़ों या लसिका पर्वों में प्रकट होते हैं, ...

                                               

नकसीर फूटना

नकसीर का कारण नासासुरंगों में कहीं पर श्लेष्मल कला में व्रण बनना होता है। इसमें कोई रक्तवाहिका फट जाती है। इसी से रक्त निकलता है। कभी-कभी रक्त की अधिक मात्रा निकलती है। रोग कभी घातक नहीं होता। इसके अलावा नाक से खून बहने के अन्य कारण भी हो सकते हैं।

                                               

साइनोसाइटिस

नाक के आसपास चेहरे की हड्डियों के भीतर नम हवा के रिक्त स्थान हैं, जिन्हें वायुविवर या साइनस कहते हैं। साइनस पर उसी श्लेष्मा झिल्ली की परत होती है, जैसी कि नाक और मुँह में। जब किसी व्यक्ति को जुकाम तथा एलर्जी हो, तो साइनस ऊतक अधिक श्लेष्म बनाते है ...

                                               

वाइरस-जनित निमोनिया

वाइरस-जनित निमोनिया वाइरस द्वारा उत्पन्न एक प्रकार का निमोनिया है। निमोनिया के दो प्रमुख कारणों में से एक वाइरस होते हैं, जबकि दूसरा कारण जीवाणु हैं; इसके कम सामान्य कारणों में कवक और परजीवी शामिल हैं। बच्चों में निमोनिया का मुख्य कारण वाइरस होते ...

                                               

न्यूमोनिया

फुफ्फुसशोथ या फुफ्फुस प्रदाह फेफड़े में सूजन वाली एक परिस्थिति है - जो प्राथमिक रूप से अल्वियोली कहे जाने वाले बेहद सूक्ष्म वायु कूपों को प्रभावित करती है। यह मुख्य रूप से विषाणु या जीवाणु और कम आम तौपर सूक्ष्मजीव, कुछ दवाओं और अन्य परिस्थितियों ...

                                               

अतिसार

अतिसार या डायरिया में या तो बार-बार मल त्याग करना पड़ता है या मल बहुत पतले होते हैं या दोनों ही स्थितियां हो सकती हैं। पतले दस्त, जिनमें जल का भाग अधिक होता है, थोड़े-थोड़े समय के अंतर से आते रहते हैं।

                                               

उलटी

                                               

दस्त

                                               

अधकपारी

अधकपारी या माइग्रेन एक जटिल विकार है जिसमें बार-बार मध्यम से गंभीर सिरदर्द होता है और अक्सर इसके साथ कई स्वैच्छिक तंत्रिका तंत्र से संबंधित लक्षण भी होते हैं। आमतौपर सिरदर्द एक हिस्से को प्रभावित करता है और इसकी प्रकृति धुकधुकी जैसी होती है जो 2 ...

                                               

मद्रास मोटर न्यूरॉन रोग

मद्रास मोटर न्यूरॉन बीमारी दक्षिण भारत में एक दुर्लभ मोटर न्यूरॉन रोग है। बीमारी के दो अन्य रूप पागए हैं, पारिवारिक मद्रास मोटर न्यूरॉन रोग और संस्करण मद्रास मोटर न्यूरॉन रोग । एमएमएनडी के लक्षणों में बाहों और पैरों में कमजोरी, दृष्टि का नुकसान, ...

                                               

एस्कारियासिस

एस्कारियासिस गोल कृमि एस्कारिस लम्ब्रीकॉइड्स परजीवी के कारण होने वाली बीमारी है। 85% से अधिक मामलों में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं होते हैं, विशेष रूप से यदि कृमि का आकार छोटा हो। कृमियों की संख्या के साथ ही लक्षण भी बढ़ जाते हैं और बीमारी की शुरु ...

                                               

काला अजार

कालाजार धीरे-धीरे विकसित होने वाला एक देशी रोग है जो एक कोशीय परजीवी या जीनस लिस्नमानिया से होता है। कालाजार के बाद डरमल लिस्नमानियासिस एक ऐसी स्थिति है जब लिस्नमानिया त्वचा कोशाणुओं में जाते हैं और वहां रहते हुए विकसित होते हैं। यह डरमल लिसियोन ...

                                               

चगास रोग

चगास रोग / ˈ tʃ ɑː ɡ ə s, or अमेरिकी ट्रिपैनोसोमियासिस, प्रोटोजोआ ट्रोपेनाज़ूमीक्रूज़ी से होने वाली एक उष्णकटिबंधीय परजीवी रोग है। अधिकांशतः यह किसिंग बगद्वारा फैलता है। इसके लक्षण संक्रमण के दौरान बदलते हैं। शुरुआती चरण में लक्षण या तो होते नहीं ...

                                               

ट्रिपैनोसोमियासिस

ट्रिपैनोसोमियासिस या ट्रिपैनोसोमोसिस ट्रिपैनोसोमा जाति के परजीवी प्रोटोजोआ ट्रिपैनोसोमों द्वारा उत्पन्न पृष्ठजीवियों में होने वाले अनेक रोगों का नाम है। उप-सहाराई अफ्रीका के 36 देशों के लगभग 500.000 पुरूष, स्त्रियां और बच्चे मानवीय अफ्रीकी ट्रिपै ...

शब्दकोश

अनुवाद
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